अल्जीरिया में रूसी शिक्षिका कैसे पढ़ाती हैं रूसी भाषा
अल्जीरिया में रूसी भाषा
येलेना कुलागिना बताती हैं, "रूसी भाषा की शिक्षिका बनने का सपना हमेशा से था।" वह तीन साल से राजधानी में यूनिवर्सिटी ऑफ़ अल्जीयर्स-2 के रशियन लैंग्वेज टीचिंग सेंटर में रूसी पढ़ा रही हैं। वह वहां "रशियन टीचर अब्रॉड" प्रोग्राम के तहत काम करती हैं, जिसे रूस के शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से ‘सेंटर फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन’ संचालित करता है। अल्जीरिया में कई ऐसे सेंटर हैं, जहाँ लोग मुफ्त में रूसी सीख सकते हैं।
येलेना कहती हैं, "मैंने सोचा भी नहीं था कि मुझे इस प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा। लेकिन जब सेंटर खुला और रूस से शिक्षक आए, तो मैंने यह जानने की कोशिश की कि क्या मेरी भागीदारी आधिकारिक तौर पर संभव है।"
इससे पहले, उन्होंने कई साल अल्जीरिया में अपने देश के लोगों के एक एसोसिएशन में निजी तौर पर रूसी भाषा की क्लास और कोर्स पढ़ाए। अभी वह ज़्यादातर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को पढ़ाती हैं।
कल्चरल डिप्लोमेसी
इन सालों में येलेना ने स्थानीय छात्रों की एक खास बात महसूस की। सेंटर में पढ़ाई मुफ्त है, इसलिए पैसा कोई मायने नहीं रखता; स्टूडेंट सिर्फ अपनी रुचि की वजह से आते हैं और जुड़े रहते हैं। और यह रुचि हर साल और ज़्यादा बढ़ती जा रही है।
येलेना ने बताया "पिछले साल लगभग 250 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। मेरे पास 4 ग्रुप थे, हर ग्रुप में 20 स्टूडेंट थे। बहुत लोग आना चाहते हैं, लेकिन सब नियमित नहीं आ पाते, क्योंकि उनकी अपनी पढ़ाई भी होती है। इसलिए टीचर की कोशिश होती है कि छात्र की दिलचस्पी बनी रहे।"
अपनी बात पर ज़ोर देते हुए उन्होंने आगे बताया "हम सिर्फ़ रोचक क्लास दे सकते हैं जिनमें बातचीत हो। सबसे जरूरी है – बोलना और समझना। अगर कोई भाषाशास्त्री नहीं है, तो उसे शुद्ध व्याकरण के साथ बहुत अच्छी तरह से लिखने की शायद ही ज़रूरत हो। लोग बातचीत करने के लिए भाषा सीखते हैं। व्याकरण के बिना चल तो नहीं सकते, लेकिन प्राथमिकता अभ्यास की होनी चाहिए, ताकि रूस जाकर कोई अपने ज्ञान का उपयोग कर सके,।"
भाषा सीखने की चुनौतियाँ
अल्जीरियाई स्टूडेंट्स के लिए सबसे कठिन पहलुओं में से एक गतिवाचक क्रियाएँ (verbs of motion) हैं। येलेना बताती हैं, "अरबी में, 'जाना' (идти) और 'चलना' (ходить) में कोई फ़र्क नहीं है।" "इसके अलावा, 'जाना' (идти) और 'ड्राइव' (ехать) में भी कोई फ़र्क नहीं है। यानी सब एक ही शब्द में समा जाता है। और इस वजह से, यह समझाना काफ़ी मुश्किल है कि रूसी भाषा के संदर्भ में गतिवाचक क्रियाओं का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए।"
लेकिन उन्होंने एक हल निकाला: रूसी गतिवाचक क्रियाओं को रूसी और अल्जीरियाई, दोनों तरह के कार्टूनों और वीडियो क्लिप्स के ज़रिए समझाया जाता है। येलेना कहती हैं, "हम बताते हैं कि कैरेक्टर क्या कर रहे हैं, वे कहाँ जा रहे हैं, कहाँ दौड़ रहे हैं, या गाड़ी से जा रहे हैं।"
हालांकि, सॉफ्ट और हार्ड कॉन्सोनेंट का उच्चारण, जो शुरू में स्टूडेंट्स के लिए मुश्किलें पैदा करता है, क्लास के दौरान ठीक हो जाता है, शिक्षिका बताती हैं। आखिरकार, क्योंकि अल्जीरियाई लोग बचपन से कम से कम दो भाषाएँ (अरबी और फ्रेंच) सुनते हैं, इसलिए उनके सुनने की क्षमता अच्छी तरह से विकसित हो जाती है।
स्टूडेंट कविताओं और गानों को याद करके सही स्वर-लय के साथ पढ़ने का अभ्यास करते हैं। येलेना बताती हैं, "और यह अल्जीरियाई लोगों को काफी अच्छा लगता है, क्योंकि उनमें से अधिकतर की संगीत और लय के प्रति स्वाभाविक रुचि होती है।"